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जापान को पछाड़ जर्मनी इसी साल बन जाएगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था,जानें कहां खड़ा है भारत

डॉलर और यूरो के मुकाबले येन में गिरावट से जर्मनी की अर्थव्यवस्था को 2023 में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जापान को उखाड़ फेंकने का अनुमान है। आईएमएफ के ताजा अनुमानों में इस वर्ष जर्मनी की जीडीपी 4.4 ट्रिलियन डॉलर होगी, जबकि जापान की 4.2 ट्रिलियन डॉलर। इससे जर्मनी केवल संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन से पीछे रह जाएगा।

अमेरिका वर्तमान में 25500 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसके बाद चीन 18000 अरब अमेरिकी डॉलर के साथ दूसरी और जापान 4200 अरब डॉलर के साथ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वहीं भारतीय जीडीपी का आकार 2022 तक ब्रिटेन और फ्रांस की जीडीपी से भी बड़ा हो चुका था। 2030 तक भारत की जीडीपी जर्मनी से भी आगे निकलने का अनुमान है।

येन डॉलर के मुकाबले 33 साल के निचले स्तर पर

ये अनुमान तब आया है, जब येन यूरो के मुकाबले 160 के करीब पहुंच गया है और डॉलर के मुकाबले 33 साल के निचले स्तर के करीब बना हुआ है। यूरो आखिरी बार अगस्त 2008 में 160 येन तक पहुंचा था। येन की कमजोरी काफी हद तक मौद्रिक नीति में बुनियादी अंतर के कारण हुई है।

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फेडरल रिजर्व और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने मुद्रास्फीति से निपटने के लिए महामारी के निचले स्तर से ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, जबकि बैंक ऑफ जापान प्रोत्साहन मोड में रहा है। यह अपस्फीति के बाद मूल्य वृद्धि को बढ़ावा देना चाहता है। आंकड़े जर्मनी में स्थिर दीर्घकालिक विकास की ओर भी इशारा करते हैं, जो जापान में नीति निर्माताओं को चिंतित करेगा।

जापान को पछाड़कर भारत एशिया में दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक 7300 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है। वहीं एशिया में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। एसएंडपी ग्लोबल इंडिया विनिर्माण ने अपने नवीनतम खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) में यह बात कही।

वर्ष 2021 और 2022 में दो वर्षों की तीव्र आर्थिक वृद्धि के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2023 वित्त वर्ष में भी निरंतर मजबूत वृद्धि दिखाना जारी रखा। मार्च 2024 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.2-6.3 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था होगी। अप्रैल-जून तिमाही में एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही।

एसएंडपी ग्लोबल ने कहा, निकट अवधि के आर्थिक दृष्टिकोण में 2023 के शेष के समय और 2024 में निरंतर तीव्र विस्तार का अनुमान है, जो घरेलू मांग में मजबूत वृद्धि पर आधारित है। अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में मापी गई भारत की वर्तमान कीमतों की जीडीपी 2022 में 3500 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2030 तक 7300 अरब अमेरिकी डॉलर होने का अनुमान है। आर्थिक विस्तार की इस तीव्र गति के परिणामस्वरूप 2030 तक भारतीय जीडीपी का आकार जापानी जीडीपी से अधिक हो जाएगा, जिससे भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

 

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