ऑनलाइन प्लैटफॉर्म के जरिए कारोबार करने वाले छोटे कारोबारियों को सरकार जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट दे सकती है। ‘हिंदुस्तान’ को सूत्रों के जरिए मिली जानकारी के मुताबिक ऑफलाइन कारोबारियों की तर्ज पर ही सरकार ऑनलाइन कारोबारियों को ये नई छूट देने की व्यवस्था कर सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाना है।
मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक लंबे समय से छोटे ऑनलाइन कारोबारी इस बात की मांग कर रहे हैं कि उन्हें ऑफलाइन कारोबारियों की तर्ज पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन से छूट दी जाए। इस बारे में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे अगली जीएसटी काउंसिल में इसे मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है।
बिक्री के लिए टर्नओवर की सीमा 40 लाख रुपए
मौजूद समय में ऑफलाइन कारोबारियों के लिए सामान की बिक्री के लिए टर्नओवर की सीमा 40 लाख रुपए तय की गई है। हालांकि, स्पेशल कैटेगरी राज्यों के लिए ये 20 लाख रुपये है। वहीं, सेवाओं के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए के लिए 20 लाख रुपए की सीमा तय है और स्पेशल कैटेगरी राज्यों के लिए ये 10 लाख रुपये है। टर्नओवर की ये सीमा 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी हैं।
रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे
जानकारी के मुताबिक, ऑफलाइन कारोबारियों की ही व्यवस्था ऑनलाइन कारोबारियों के लिए रखी जाएगी। ताकि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छोटे कारोबारियों की मौजूदगी बढ़े और लोगों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा हो सकें। यही नहीं, केंद्र सरकार का मानना है कि इससे एक शहर एक उत्पाद स्कीम को बढ़ावा मिलेगा।
राहत भरा सोमवार: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, डीजल 77.13 रुपये लीटर
साथ ही गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस यानि जेम पोर्टल के जरिए भी उत्पाद बेचना आसान हो सकेगा। इसके जरिए छोटे कारोबारियों के उत्पादों को शहरों वाला बड़ा बाजार मिलना आसान हो सकेगा। फिलहाल संभावना जताई जा रही है कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक अप्रैल के आखिर में हो सकती है। तभी इस विचार पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।