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गो फर्स्ट को NCLT से झटका, बकाया चुकाने में नहीं मिलेगी राहत, 9 मई तक फ्लाइट कैंसिल

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प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन Go फर्स्ट को दिल्ली नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने बड़ा झटका दिया है। NCLT ने एयरलाइन की अंतरिम मोरेटोरियम की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है। न्यायमूर्ति रामलिंगम सुधाकर और एलएन गुप्ता की पीठ ने कहा कि IBC के तहत केवल पूर्ण स्थगन का प्रावधान है। मतलब यह हुआ कि एयरलाइन को बकाया भुगतान करने के लिए कुछ महीनों की रोक नहीं मिलेगी।

9 मई तक उड़ानें रद्द : इस बीच, एयरलाइन ने 9 मई 2023 तक के लिए सभी उड़ानें रद्द कर दी है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हमें यह सूचित करते हुए खेद है कि परिचालन संबंधी कारणों से 9 मई 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।”  वहीं, डीजीसीए ने गो फर्स्ट को रिफंड की रकम पैसेंजर्स को लौटाने के लिए कहा है। रिफंड की यह रकम करीब 350 करोड़ रुपये है।

एयरलाइन ने की है अपील: बता दें कि गो फर्स्ट ने NCLT से कई अंतरिम निर्देश देने की अपील की है। गो फर्स्ट ने अपनी अपील में कहा है कि NCLT विमानों को पट्टे पर देने वालों को अपने विमान वापस लेने से रोके और साथ ही DGCA को किसी तरह की जबरिया कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दे।

एयरलाइन ने यह भी कहा गया है कि डीजीसीए, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और निजी हवाई अड्डा परिचालक को एयरलाइन को आवंटित प्रस्थान और पार्किंग स्लॉट को रद्द नहीं करें। एयरलाइन यह भी चाहती है कि ईंधन आपूर्तिकर्ता विमान परिचालन के लिए आपूर्ति जारी रखें।  

कितनी है देनदारी: वाडिया समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन गो फर्स्ट पर 11463 करोड़ रुपये की देनदारी है। कंपनी ने स्वैच्छिक दिवाला समाधान कार्यवाही के लिए आवेदन किया है। इसके साथ ही गो फर्स्ट ने तीन मई से तीन दिन के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

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