वैसे तो हिंदी फिल्मों के बायकॉट का ट्रेंड लंबे समय से चल रहा है लेकिन बीते एक माह में इस मुहिम ने जोर पकड़ा है। आमिर खान की फिल्म- लाल सिंह चड्ढा हो या फिर अक्षय कुमार की फिल्म- रक्षा बंधन, लगभग हिंदी की हर बड़ी फिल्मों को बायकॉट मुहिम झेलनी पड़ रही है। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि इसका थोड़ा-बहुत असर पीवीआर मल्टीप्लैक्स के स्टॉक परफॉर्मेंस पर भी पड़ा है। पिछले एक महीने में पीवीआर के स्टॉक की कीमत करीब 10 फीसदी लुढ़क गई है।
ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा: हालांकि, इसने पिछले छह महीनों में पीवीआर ने अपने शेयरधारकों को 30 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। इसलिए, मौजूदा बिकवाली मुख्य रूप से शेयरधारकों के लिए किसी भी बड़ी चिंता की तुलना में मुनाफावसूली है। वहीं, पिछले कुछ कारोबारी दिन में स्टॉक में तेजी आई है। पिछले एक सप्ताह में स्टॉक ने लगभग 6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। शायद, यही वजह है कि ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर की रिसर्च टीम को स्टॉक पर भरोसा बढ़ गया है।
क्या कहना है एक्सपर्ट का: ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर के मुताबिक स्टॉक शॉर्ट से मीडियम टर्म में तेज उछाल के लिए तैयार है। ब्रोकरेज का मानना है कि पीवीईआर शेयर की कीमत मीडियम टर्म में 2,110 रुपये के स्तर तक जा सकती है। अभी के लिहाज से निवेशकों को 10 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न मिल सकता है। बता दें कि बीएसई इंडेक्स पर पीवीआर शेयर की कीमत 1930 रुपये के स्तर पर है।
बाय रेटिंग: ब्रोकरेज ने पीवीआर शेयरों को बाय टैग दी है। मतलब ये कि खरीदने की सलाह दी गई है। प्रभुदास लीलाधर की रिसर्च रिपोर्ट कहती है- हम स्टॉक को ₹1,830 के स्टॉप लॉस को ध्यान में रखते हुए 2,110 रुपये के ऊपर के लक्ष्य के लिए खरीदने की सलाह देते हैं।
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बता दें कि हाल ही में पीवीआर ने तेलंगाना के निजामाबाद में वेणु मॉल में 4 स्क्रीन मल्टीप्लेक्स खोला है। अब पीवीआर के 76 शहरों (भारत और श्रीलंका) में 174 संपत्तियों में 858 स्क्रीन हैं। इसी के साथ पीवीआर अब सबसे बड़ा मल्टीप्लेक्स नेटवर्क संचालित करता है।