Share Market 9:30 बजे: बाजार गिरकर जल्दी संभल गया। महज 15 मिनट में सेंसेक्स में 600 अंकों की रिकवरी हुई है। अब सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर आ गए हैं। सेंसेक्स 53 अंकों की बढ़त के साथ 58826 और निफ्टी 13 अंक ऊपर 17504 पर है।
Opening Bell:अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट का असर आज घरेलू शेयर बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है। बीएसई का 30 स्टॉक्स वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 567 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 58205 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज निफ्टी की शुरुआत भी लाल निशान के साथ 17257 के स्तर से हुई। आईटी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
अमेरिकी शेयर बाजार भी सोमवार को औंधेमुंह गिरे। वहां का प्रमुख संवेदी सूचकांक डाऊ जोंस 1.91 फीसद यानी 643 अंक लुढ़ककर 33063 के स्तर पर बंद हुआ। नैस्डैक 2.55 फीसद टूटकर 12381 और एसएंडपी 2.14 फीसद गिरकर 4137.99 के स्तर पर बंद हुआ।
Market Tips: इंट्रा-डे में आज इन 6 स्टॉक्स में हो सकता है तगड़ा मुनाफा
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 368 अंकों के नुकसान के साथ 58405 के स्तर पर था। जबकि, निफ्टी 116 अंकों की गिरावट के साथ 17375 के स्तर पर। निफ्टी टॉप गेनर में अडानी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, ओएनजीसी, एनटीपीसी और कोल इंडिया केस्टॉक्स थे तो टॉप लूजर में इन्फोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और टाटा मोटर्स।
सोमवार का हाल
शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स 872.28 अंक लुढ़ककर 59 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे बंद हुआ। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में नुकसान में खुला और 1.46 प्रतिशत लुढ़ककर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 941.04 अंक तक नीचे टूट गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 267.75 अंक यानी 1.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,490.70 अंक पर बंद हुआ।
घरेलू शेयर बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों की गिरावट से निवेशकों को 6.57 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 6,57,758.04 करोड़ रुपये घटकर 2,73,95,002.87 करोड़ रुपये पर आ गया।
सोमवार को बाजार में आई तेज गिरावट की पांच वजहें
1. दुनिया के तमाम केंद्रीय बैंकों ने तेज ब्याज वृद्धि के दिए संकेत
2. अमेरिकी बाजारों में गिरावट का रुख रहा था शुक्रवार को
3. डॉलर इंडेक्स के फिर ऊपर की राह पकड़ने से बना दबाव
4. मासिक वायदा कटान से पहले मुनाफावसूली
5. छोटी और मझौली कंपनियों में ऊपरी स्तर पर तेज बिकवाली