HomeShare Marketखेत से लेकर रसोई तक पहुंची रुस-यूक्रेन युद्ध की आंच

खेत से लेकर रसोई तक पहुंची रुस-यूक्रेन युद्ध की आंच

रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब डेढ़ महीना हो चुका है। इससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को तगड़ा झटका लगा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। युद्ध से बाधित आपूर्ति श्रंखला और महंगे कच्चे तेल ने अब हर तबके पर असर डालना शुरू कर दिया है। बीते दो महीने में खेती से लेकर खाने-पीने के सामान पर महंगाई का असर दिखने लगा है।

महंगे फर्टिलाइजर से सब्सिडी खर्च बढ़ेगा

रूस, यूक्रेन और बेलारूस फर्टिलाइजर्स के बड़े उत्पादक हैं, लेकिन युद्ध के कारण इनकी आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस कारण फर्टिलाइजर्स की कीमत बढ़ी है।

  • रूस और यूक्रेन से भारत में 10 फीसदी फर्टिलाइजर्स आता है
  • भारत का सब्सिडी खर्च 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है
  • इस साल देश में 20 फीसदी तक बढ़ी डीएपी की कीमत
  • 2021 में 40 से 60 फीसदी बढ़े थे फर्टिलाइजर्स के दाम
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    महंगे खाद्य तेल ने रसोई की लागत बढ़ाई

    रूस और यूक्रेन खाद्य तेलों के बड़े आपूर्तिकर्ता है। युद्ध की वजह से इनकी आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में सभी खाद्य तेलों के दाम बढ़ रहे हैं। हालांकि, सरसों तेल राहत दे रहा है।

  • 90 फीसदी सनफ्लॉवर तेल का आयात रूस-यूक्रेन से
  • 23 फीसदी बढ़ी सनफ्लॉवर तेल की कीमत दो महीनों में
  • 11 फीसदी महंगे हुए वनस्पति-सोयाबीन तेल इस अवधि में
  • 17 फीसदी से ज्यादा महंगा हुआ पाम तेल युद्ध के बाद
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    मई में और सताएगी कच्चे तेल की गर्मी, पेट्रोल-डीजल के सस्ते होने की उम्मीद कम

    हर वर्ग पर भारी पड़ रहा महंगा कच्चा तेल

    युद्ध के कारण कच्चा तेल उच्च स्तर पर चल रहा है। अब यह घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ा रहा है। इससे माल ढुलाई समेत हर वर्ग की जेब पर बोझ बढ़ा है।
    10 रुपये से ज्यादा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल 18 दिन में

  • 100 रुपये के पार पहुंचा पेट्रोल देश के अधिकांश शहरों में
  • 50 फीसदी बढ़ी विमान ईंधन की कीमत 2022 में अब तक
  • 30 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना माल ढुलाई में
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    महंगे कच्चे माल से ऑटो-रियल्टी सेक्टर परेशान

    युद्ध के कारण पैदा हुई महंगाई से घर बनाने से लेकर वाहन निर्माण तक के कच्चे माल की कीमत बढ़ गई है। वाहन निर्माता कंपनियां दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

  • 5वीं बार कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में मारुति सुजुकी
  • 79 फीसदी हिस्सेदारी होती है कच्चे माल की वाहन की कीमत में
  • 20 फीसदी तक बढ़ी स्टील की कीमत 2022 में अब तक
  • 10 फीसदी महंगी हुई सीमेंट मार्च में मासिक आधार पर
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