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कर्ज लेकर अधिग्रहण करने से रेटिंग पर पड़ेगा असर, अडानी समूह को मिली चेतावनी

गौतम अडानी समूह के आक्रामक कारोबारी विस्तार पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब S&P Global रेटिंग्स ने कहा है कि अडानी समूह के पास काफी ठोस बुनियादी ढांचा है, लेकिन कर्ज लेकर अधिग्रहण करने से उसकी रेटिंग पर दबाव पड़ सकता है।

क्या कहा एजेंसी ने: S&P Global रेटिंग्स के अधिकारी अभिषेक डांगरा ने कहा कि समूह की ज्यादातर इकाइयों में वृद्धि की महत्वाकांक्षा काफी अधिक है और ऐसा कई इकाइयों के अधिग्रहण के जरिए किया गया। डांगरा ने कहा, ‘‘अगर आप अडानी पोर्ट्स जैसी कंपनियों को देखें, तो उनका व्यवसाय मौलिक रूप से ठोस है। बंदरगाह व्यवसाय स्वस्थ नकदी प्रवाह दे रहा है। हालांकि, समूह कुछ ऐसे अधिग्रहण कर रहा है, जहां जोखिम हो सकते हैं। हाल के कुछ अधिग्रहण काफी हद तक कर्ज द्वारा वित्तपोषित हैं।’’

उन्होंने कहा कि यदि समूह ने मौजूदा रफ्तार से ही भविष्य में अधिग्रहण जारी रखा, तो उसकी रेटिंग पर दबाव पड़ सकता है। आपको बता दें कि भारत के सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी के नेतृत्व वाले कारोबारी समूह ने अधिग्रहण के जरिये तेजी से वृद्धि की है।

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अडानी समूह के कारोबारी साम्राज्य में खदान, बंदरगाह और बिजली संयंत्रों से लेकर हवाईअड्डे, डेटा केंद्र और रक्षा क्षेत्र शामिल हैं। समूह ने हाल में होल्सिम की भारतीय इकाइयों का 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर में अधिग्रहण कर सीमेंट क्षेत्र में प्रवेश किया। समूह एक एल्युमीनियम कारखाना स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाश रहा है।

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