कच्चे तेल (क्रूड ऑयल ) की कीमतों में सोमवार को तेजी देखने को मिली है। कमजोर डॉलर और सप्लाई चेन से जुड़ी चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स सोमवार को 1.15 डॉलर या 1.3 पर्सेंट की तेजी के साथ 92.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड में शुक्रवार को 0.5 पर्सेंट का उछाल आया था। वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड 1.05 डॉलर या 1.2 पर्सेंट की तेजी के साथ 86.16 डॉलर के स्तर पर रहा। कॉन्ट्रैक्ट मंगलवार को एक्सपायर हो रहा है।
पिछले हफ्ते दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में आई थी 1% से ज्यादा की गिरावट
पिछले हफ्ते दोनों ही कॉन्ट्रैक्ट्स में 1 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई थी। इन कॉन्ट्रैक्ट्स के प्राइसेज में इस चिंता से गिरावट आई थी कि फेडरल रिजर्व की तरफ से इंटरेस्ट रेट में की जाने वाली एक और बढ़ोतरी ग्लोबल ग्रोथ को सुस्त कर सकती है। कॉन्ट्रैक्ट्स के प्राइसेज में सोमवार को कमजोर डॉलर की वजह से तेजी देखने को मिली है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, दूसरी करेंसी होल्ड करने वाले देशों के लिए डॉलर डिनॉमिनेटेड कमोडिटीज को सस्ता बनाता है।
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चीन के साउथवेस्टर्न शहर चेंगदू में कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के कारण दुनिया के नंबर 2 एनर्जी कंज्यूमर देश में डिमांड से जुड़ी चिंताएं कम हुई हैं। चीन के पेट्रोल और डीजल एक्सपोर्ट में भी तेजी आई है। इस बीच, कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (KPC) के चीफ एग्जिक्यूटिव ने कहा है कि हमारे तेल खरीदार देशों ने अभी तक तेल की मांग और उसके वॉल्यूम में कोई बदलाव नहीं किया है। ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) कोटा के तहत खाड़ी देश अभी 2.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का प्रॉडक्शन कर रहा है।