कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी देखी जा रही है। इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड (Brent crude) ऑयल की कीमत 101 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी। जब से सउदी अरब ने ओपेक (OPEC) देशों से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी करने को कहा है तभी से इंटरनेशनल मार्केट में यह तेजी दिख रही है। इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार को यूएस क्रूड ऑयल (US crude) की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल जबकि ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude) 101 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
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ईरान फिर से क्रूड ऑयल मार्केट में आने को तैयार
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सउदी अरब ने कहा कि कोई भी OPEC के सदस्य देश क्रूड ऑयल के सप्लाई में कटौती करते हैं तो वह OPEC+ देशों का प्रयास माना जाएगा। हाल ही में ईरान ने ऑयल मार्केट में वापस आने की बात कही है। अब ईरान चाहता है कि वह वर्ल्ड पावर के साथ अपना न्यूक्लियर डील सिक्योर कर ले। ईरान के इस कदम के बाद से ही सउदी अरब ने OPEC देशों को तेल के उत्पादन में कमी लाने को कहा है।
अमेरिका में भी मंदी के आसार
सभी की निगाहें इस बात पर भी टिकी हुई है कि शुक्रवार को फेड रिजर्व की बैठक में क्या होता है। क्या सेंट्रल बैंक एक बार फिर से इंटरेस्ट रेट में इजाफा करेगा या फिर पुरानी दरों को बरकरार रखेगा। कुछ का मानना है कि मंहगाई स्तर को 2 प्रतिशत के नीचे लाने तक सेंट्रल बैंक आक्रामक रुख अपनाता रहेगा। अमेरिका के सरकारी आंकड़ों में गैसोलीन की मांग कम हुई है, जो कि आर्थिक मंदी की ओर इशारा है।
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भारत के क्रूड ऑयल उत्पादन में भी कमी
जुलाई महीने में भारत के क्रूड ऑयल उत्पादन में पिछले साल की समानवधि से 3.76 पर्सेंट की कमी आई है। जुलाई महीने में भारत का कुल क्रूड ऑयल उत्पादन 2453.19 हजार मीट्रिक टन रहा जो अपने लक्ष्य से 5.57 पर्सेंट कम था। भारत का अप्रैल से जुलाई के बीच क्रूड ऑयल का कुल उत्पादन 9912.42 हजार मीट्रिक टन रहा। अप्रैल से जुलाई के बीच हुए क्रूड ऑयल का कुल उत्पादन इस महीने के लक्ष्य से 2.17 पर्सेंट कम और पिछले साल की समानवधि से 0.50 पर्सेंट कम था।