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कंपनियों की ”कमाई”, वैश्विक रुख से तय होगी शेयर बाजारों की दिशा, जानें एक्सपर्ट की राय

शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक रुख से तय होगी। सोमवार को शेयर बाजारों में लंबी छुट्टियों वाले पिछले सप्ताह के बाद कारोबारी गतिविधियां फिर शुरू होंगी। विश्लेषकों का कहना है कि इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन में कोविड​​​​-19 की स्थिति भी बाजार का आगे का रुख तय करेगी। 

सैमको सिक्योरिटीज में इक्विटी शोध प्रमुख येशा शाह ने कहा, ”घरेलू और वैश्विक मोर्चे पर कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं होने की वजह से इस सप्ताह बाजार की दिशा कंपनियों की ‘कमाई’ से तय होगी। बाजार में शेयर विशेष गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।” मार्च के थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े सोमवार को आएंगे। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ”बाजार सोमवार को दो प्रमुख कंपनियों इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक के तिमाही नतीजों पर प्रतिक्रिया देगा।”

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भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी इन्फोसिस का मार्च तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,686 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी का परिणाम पिछले सप्ताह आया है। कंपनी ने 2022-23 में अपने कारोबार में 13-15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान पेश किया है। देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक का मार्च, 2022 में समाप्त तिमाही के लिए एकल शुद्ध लाभ 22.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 10,055.2 करोड़ रुपये रहा है। कंपनी का तिमाही नतीजा शनिवार को आया था। इस सप्ताह माइंडट्री, एसीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, नेस्ले और हिंदुस्तान जिंक के ‘कमाई’ के आंकड़े आएंगे।      

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”आमदनी के सीजन की शुरुआत के साथ आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में क्षेत्र विशेष गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।”  पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,108.25 अंक या 1.86 फीसदी टूटा, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 308.70 अंक या 1.73 प्रतिशत नीचे आया। विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा बाजार की निगाह विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश के रुझान, रुपये और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर भी रहेगी। 

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