एनपीएस खाता टैक्स बचत और रिटर्न के मामले में आगे होने के साथ सेवानिवृत्ति के बाद की जिंदगी के लिए सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है। यदि आपका एनपीएस खाता अस्थाई रूप से बंद (फ्रीज) हो गया है तो उसके लिए ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप ऑनलाइन या बैंक और पोस्ट ऑफिस जाकर एनपीएस खाता दोबारा शुरू करवा सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
दुनिया में पेट्रोल के रेट में औसतन 7 रुपये का इजाफा, सबसे सस्ता तेल बेचने वाले देशों में भी महंगाई की मार
इस प्रक्रिया से शुरू होगा खाता
एनपीएस में निवेश करने के लिए प्राण (पीआरएएन) यानी परमानेंट अकाउंट नंबर दिया जाता है। एनपीएस काता फ्रीज हो जाने पर बैंक या पोस्ट ऑफिस से फॉर्म यूओएस-एस10ए दिया जाता है। इसे भर कर आप बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस में जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आप ऑनलाइन तरीके से भी फॉर्म भर सकते हैं।
Happy Holi Wishes 2022: गुलाल की बौछार, अपनों का प्यार..!, इन चुनिंदा मैसेज से अपनों को भेजें होली की हार्दिक शुभकामनाएं
इस भरे हुए फॉर्म को भी आपको बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करना होगा लेकिन इससे खाता जल्द दोबारा शुरू हो जाता है। ऑनलाइन फॉर्म आप https://npscra.nsdl.co.in/download/non-government-sector/all-citizens-of-india/forms/UoS-S10A-Unfreezing%20of%20PRAN.pdf लिंक पर जाकर डाउनलोड कर भर सकते हैं।
रिटर्न में आगे है एनपीएस
एनपीएस में पिछले 10 साल में औसतन 12 फीसदी से भी अधिक रिटर्न मिला है। इसके अलावा इसमें निवेश पर धारा 80सी के तहत 1.50 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है। साथ ही 50 हजार रुपये की अतिरिक्त टैक्स छूट भी एनपीएस में निवेश पर मिलती है। वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद की जिंदगी के लिए एनपीएस सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है।
कभी भी जमा कर सकते हैं राशि
एनपीएस में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम एक हजार रुपये जमा करने होते हैं। पीएफआरडीए ने हाल ही एनपीएस में निवेशकों को एक और सुविधा दी है। इसके तहत निवेशक एनपीएस खाते में एक वित्तीय वर्ष में अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी राशि जमा कर सकते हैं। इस राशि के लिए कोई न्यूनतम सीमा और अवधि तय नहीं है।