देश के आठ प्रमुख शहरों में वर्ष 2023 के दौरान 50 लाख रुपये कीमत तक के घरों की बिक्री में 16 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। यह आंकड़ा घटकर एक लाख इकाई के नीचे आ गया है। यह जानकारी नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में सामने आई है। इसमें कहा गया है कि संपत्ति की कीमतों में उछाल और होम लोन पर ऊंची ब्याज दरों की वजह से यह गिरावट आई है।
रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि 50 लाख रुपये और उससे कम कीमत वाली आवासीय संपत्तियों की बिक्री वर्ष 2022 में 1,17,131 इकाई रही थी, जो 2023 में घटकर 97,983 इकाई रह गई। इससे कुल आवास बिक्री में किफायती घरों की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत रह गई है। वर्ष 2018 में कुल आवासीय बिक्री में किफायती घरों की हिस्सेदारी 54 प्रतिशत थी।
किस शहर में कितना असर
आंकड़ों के मुताबिक 50 लाख रुपये तक कीमत के घरों की आपूर्ति में पिछले साल सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत की गिरावट आई। इसका असर सस्ते घरों की बिक्री में भी देखने को मिला है। किफायती घरों की बिक्री बंगलुरु में सबसे अधिक गिरी है। यहां बिक्री 46 प्रतिशत घटकर 8,141 इकाई रह गई।
वर्ष 2022 में यह आंकड़ा 15,205 इकाई का था। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 44 प्रतिशत घटकर 7,487 इकाई रह गई, जो वर्ष 2022 में 13,290 इकाई थी। मुंबई में बिक्री 2023 में छह प्रतिशत घटकर 39,093 इकाई रह गई, जो इससे पिछले वर्ष में 41,595 इकाई थी।
लग्जरी आवास की हिस्सेदारी बढ़ी: आंकड़ों के मुताबिक 2023 में कुल आवास बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 3,29,097 इकाई हो गई, जो इससे पिछले वर्ष 3,12,666 इकाई थी। इनमें एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी 2022 के 27 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 34 प्रतिशत हो गई। वहीं, मध्यम वर्ग और लक्जरी आवास के मामले में ऊंची मांग की वजह से घरों की कुल बिक्री 10 साल के शिखर पर पहुंच गई।
बिक्री में बढ़ोतरी जारी रहेगी
वहीं, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा की रिपोर्ट में बताया गया है कि घरों की बिक्री में इजाफा आगे भी जारी रहने की संभावना है। इक्रा की रिपोर्ट एक सर्वे के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें ये अंदाजा लगाया गया है कि पूरे चालू वित्तवर्ष में घरों की बिक्री 15-17 फीसदी बिक्री बढ़ेगी और अगले वित्तवर्ष में भी इसमें 11-12 फीसदी की बढ़त के आसार हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिक्री में बढ़त तमाम प्रोजेक्ट के पूरे होने की दर में इजाफा होने की वजह से देखने को मिली है।
सस्ते आवास की योजना लाएगी सरकार: सरकार नए साल में शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए सब्सिडी वाली होम लोन योजना शुरू कर सकती है। इस योजना का खाका तैयार कर लिया गया है। इसे मंजूरी मिलनी बाकी है। इस योजना में 20 साल की अवधि के लिए 50 लाख रुपये से कम को गृह कर्ज मिल सकेगा, जिस पर प्रति वर्ष 3 से 6 फीसदी की ब्याज छूट मिल सकती है।