Bank privatisation: फाइनेंस सर्विस डिपार्टमेंट के सचिव संजय मल्होत्रा ने सोमवार को कहा कि बजट घोषणा के अनुरूप सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की दिशा में काम चल रहा है। मल्होत्रा ने 6 जून से 12 जून के बीच आयोजित होने वाले ‘आइकॉनिक वीक’ समारोह के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘बैंकों के निजीकरण के संदर्भ में वित्त मंत्री संसद के पटल पर बयान दे चुकी हैं। इस दिशा में काम आगे बढ़ चुका है।’’
दो बैंकों के प्राइवेटाइजेशन पर चल रहा काम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए इस साल सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की मंशा जताई थी। नीति आयोग निजीकरण के लिए गठित सचिवों के कोर ग्रुप को दो बैंकों के नाम पहले ही सुझा चुका है। सूत्रों का कहना है कि नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central bank of india) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian overseas bank) के निजीकरण की सिफारिश की है।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल देगी अंतिम मंजूरी
कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाला कोर ग्रुप बैंकों के निजीकरण के बारे में अपना प्रस्ताव मंजूरी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था (एएम) को भेजेगा। फिर उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। इस समूह में आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, व्यय सचिव, कंपनी मामलों के सचिव, विधि मामलों के सचिव, सार्वजनिक उद्यम सचिव, दीपम सचिव और प्रशासकीय विभाग के सचिव शामिल हैं।