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इथेनॉल की वजह से प्रभावित हो रहा चीनी का निर्यात! 28.5% की बड़ी गिरावट की आशंका

सत्र 2022–23 में भारत का चीनी निर्यात घट सकता है। खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि नए सत्र में चीनी का निर्यात 28.57 पर्सेंट घटकर 80 लाख टन रह सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह पिछले सत्र में चीनी का कम भंडारण और इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने का ज्यादा उपयोग करना है। हालांकि अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि मौजूदा सत्र में चीनी का उत्पादन 3.5 करोड़ टन रह सकता है जो 2022–23 के अगले सत्र में बढ़कर 4 करोड टन हो सकता है।

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चीनी के कम भंडारण से हो सकती है आपूर्ति में कमी
आमतौर पर देखा गया है कि हर साल चीनी का भंडारण 80 लाख टन से एक करोड़ टन तक होता है। लेकिन सत्र 2022–23 में चीनी का भंडारण महज 60 लाख टन रहने का अनुमान है। मौजूदा सत्र में चीनी का निर्यात 1.12 करोड़ टन रहने का अनुमान है। लेकिन पिछले सत्र के सिर्फ 60 लाख टन चीनी की उपलब्धता और इथेनॉल के लिए अधिक मात्रा में गन्ने के उपयोग से अगले सत्र में चीनी की आपूर्ति में कमी आ सकती है। पीटीआई के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि इस साल चीनी का उत्पादन अच्छा रह सकता है लेकिन अगले साल चीनी के निर्यात में कमी आ सकती है।

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इथेनॉल के लिए बढ़ सकता है गन्ने का उपयोग
खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि 2022–23 के सत्र में इथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के उपयोग में तेजी आ सकती है। इस सत्र में इथेनॉल के लिए जहां 35 लाख टन गन्ने का इस्तेमाल किया गया है वहीं अगले सत्र यह बढ़कर 45 से 50 लाख टन हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने कहा की मौजूदा सत्र में चीनी का कुल उत्पादन 3.95 करोड़ टन रह सकता है जबकि 2022–23 सत्र में कुल चीनी का उत्पादन 4 करोड़ टन हो सकता है।

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