सरकार एलआईसी के नियंत्रण वाले आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री के लिए अगले महीने के अंत तक रुचि पत्र (ईओआई) मांगेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम इस प्रस्ताव पर कुछ समय से काम कर रहे हैं और ज्यादातर ब्योरे को अंतिम रूप दिया जा चुका है। हम निवेशकों से अगले माह के अंत तक रुचि पत्र मांगेगे।’’ मतलब ये कि अप्रैल के अंत तक बैंक के बिक्री की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
इस अधिकारी ने बताया कि सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बैंक में प्रबंधन नियंत्रण के साथ करीब 26 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। अतिरिक्त 82,75,90,885 शेयरों के अधिग्रहण के साथ 21 जनवरी, 2019 से आईडीबीआई बैंक जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की सब्सिडरी कंपनी बन गया था।
19 दिसंबर, 2020 को एलआईसी की हिस्सेदारी घटकर 49.24 प्रतिशत पर आने के बाद आईडीबीआई बैंक को सहायक कंपनी के रूप में पुन: वर्गीकृत किया गया। उस समय बैंक ने पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के तहत अतिरिक्त इक्विटी शेयर जारी किए थे।
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मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने पिछले साल मई में आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश और प्रबंधन नियंत्रण के स्थानांतरण को सैद्धान्तिक मंजूरी दी थी। बता दें कि विनिवेश योजना के तहत सरकार का इरादा इस बैंक में अपनी समूची 45.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का है।