कर्ज में डूबे रिलायंस ग्रुप के मुखिया अनिल अंबानी की कई ऐसी कंपनियां हैं जो बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही हैं। इनमें से एक कंपनी रिलायंस नवल एंड इंजीनियरिंग है। कर्ज में डूबी इस कंपनी को बचाने के लिए अनिल अंबानी हर हथकंडे अपना रहे हैं। इन गतिविधियों के बीच रिलायंस नवल के शेयर में खरीदारी भी बढ़ गई है।
बोली लगाने वालों पर चल रही वोटिंग: बिजनेस टुडे की खबर के मुताबिक दिवालिया रिलायंस नवल शिपयार्ड के लिए समाधान योजना पर वोटिंग हो रही है। बोली लगाने वालों में 2,700 करोड़ रुपये के साथ हेज़ल मर्केंटाइल सबसे प्रबल दावेदार है। ये उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट समर्थित कपंनी है। सूत्र ने कहा कि 24 फरवरी से बोलियों पर मतदान चल रहा है और अब 17 मार्च को समाप्त होने की संभावना है।
अनिल अंबानी ने उठाया है ये कदम: हालांकि, अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की ओर से इस बोली प्रक्रिया को रोकने की कोशिश हो रही है। इसी के तहत मुंबई के उद्योगपति निखिल वी. मर्चेंट की हेज़ल मर्केंटाइल की पात्रता पर सवाल उठाए हैं। अनिल अंबानी की इंफ्रा ने रिलायंस नवल की बोली में भाग लेने की पात्रता पर सवाल उठाकर टारपीडो की ओर रुख किया है।
ये भी है प्रस्ताव: इसके अलावा रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने उधारदाताओं को बकाया राशि के एक हिस्से का भुगतान करने और दिवालिया इकाई के नियंत्रण को वापस लेने के लिए एक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है। कंपनी ने ऋणदाताओं को कुल 2525 करोड़ रुपये का भुगतान करने का प्रस्ताव दिया है, जो कि 25 करोड़ रुपये के टोकन के साथ शुरू होगा।
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बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य वित्तीय लेनदारों पर बकाया 12,429 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए रिलायंस नवल की समाधान प्रक्रिया 26 महीने पहले शुरू हुई थी। दो कंपनियों के एक यूनिट – हेज़ल मर्केंटाइल लिमिटेड और स्वान एनर्जी लिमिटेड ने दिवालिया शिपयार्ड के लिए लगभग 2,700 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।
तीन महीने पहले कानूनी प्रक्रिया के बाद रिलायंस नवल के रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ने इस बोली को स्वीकार कर लिया था। आपको बता दें कि रिलायंस नवल को मूल रूप से पिपावाव शिपयार्ड (Pipavav Shipyard) के नाम से जाना जाता है। इस कंपनी के लिए बोली लगाने वालों में नवीन जिंदल की भी कंपनी थी।
रिलांयस नवल का शेयर भाव: अनिल अंबानी की रिलायंस नवल के शेयर की खरीदारी बढ़ गई है। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन कंपनी के शेयर में अपर सर्किट लग गया और ये 4 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का 52 सप्ताह का हाई लेवल 7.15 रुपए है।