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अनिल अंबानी की नई मुश्किल, 420 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का लगा आरोप, नोटिस जारी

रिलायंस ग्रुप के मुखिया अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में अनिल अंबानी को आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस ब्लैक मनी लॉ के तहत कथित रूप से 420 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी से जुड़ा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह टैक्स स्विट्जरलैंड के दो बैंक खातों में रखे गए 814 करोड़ रुपये से अधिक के बेहिसाबी रकम से जुड़ा है। 

आरोप क्या है: आयकर विभाग का आरोप है कि अनिल अंबानी ने जानबूझकर टैक्स नहीं चुकाए हैं। आरोप के मुताबिक अनिल अंबानी ने जानबूझकर विदेश में बैंक खातों और वित्तीय हितों का ब्योरा कर अधिकारियों को नहीं दिया। विभाग ने आरोपों पर अनिल अंबानी से 31 अगस्त तक जवाब मांगा है। हालांकि, अनिल अंबानी या रिलायंस ग्रुप की ओर से इस मसले पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

10 साल की सजा का प्रावधान: विभाग ने कहा कि अनिल अंबानी के खिलाफ काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) कर अधिरोपण अधिनियम 2015 की धारा 50 और 51 के तहत मुकदमा चलाने के मामला बनता है। इसमें जुर्माने के साथ अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान है। 

नोटिस में क्या कहा गया: आयकर विभाग की नोटिस के मुताबिक टैक्स अधिकारियों ने पाया कि अंबानी बहामास स्थित इकाई डॉयमंड ट्रस्ट और एक अन्य कंपनी नार्दर्न एटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड (एनएटीयू) में आर्थिक योगदानकर्ता के साथ-साथ लाभार्थी मालिक भी हैं। एनएटीयू का गठन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड (बीवीआई) में किया गया था।

आयकर विभाग ने नोटिस में कहा, ‘‘जो सबूत उपलब्ध हैं, उससे साफ है कि आप (अंबानी) विदेशी ट्रस्ट डॉयमंड ट्रस्ट में आर्थिक योगदानकर्ता के साथ लाभार्थी मालिक भी हैं। कंपनी ड्रीमवर्क्स होल्डिंग इंक का बैंक खाता, एनएटीयू और पीयूएसए के लाभकारी मालिक हैं। अत: उपरोक्त संस्थाओं के पास उपलब्ध धन/संपत्ति आप ही की है।’’

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ब्लैक मनी कानून का उल्लंघन: विभाग ने आरोप लगाया है कि अंबानी इन विदेशी संपत्तियों के बारे में आयकर रिटर्न में जानकारी नहीं दी। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा 2014 में पहली बार सत्ता में आने के तुरंत बाद लाये गये ब्लैक मनी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया। टैक्स अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की चूक जानबूझकर की गई है।

टैक्स अधिकारियों ने दोनों खातों में अघोषित कोष 8,14,27,95,784 रुपये (814 करोड़ रुपये) होने का आकलन किया है। इस पर टैक्स देनदारी 420 करोड़ रुपये बनती है।

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