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विदेशी मीडिया- फाइनेंशियल टाइम्स ने गौतम अडानी समूह से जुड़ी रिपोर्ट को अपनी वेबसाइट से हटाने से इनकार कर दिया है। इस रिपोर्ट में समूह पर ऑफशोर (Offshore) फंडिंग के आरोप लगे थे। हालांकि, अडानी समूह ने रिपोर्ट को गलत और झूठा करार दिया। इसके साथ ही समूह ने रिपोर्ट को फाइनेंशियल टाइम्स की वेबसाइट से हटाने की भी मांग की। अब मीडिया हाउस ने इस मांग को खारिज कर दिया है।
क्या कहा फाइनेंशियल टाइम्स ने: मीडिया हाउस के एक प्रवक्ता ने द टेलीग्राफ को बताया कि लेख सटीक था और सावधानीपूर्वक तैयार किया गया था। हम अपनी रिपोर्टिंग पर कायम हैं। इससे पहले सोमवार को अडानी समूह ने मीडिया हाउस के संपादक को कड़े शब्दों में पत्र लिखकर रिपोर्ट हटाने की मांग की थी।
अडानी समूह ने क्या कहा: समूह ने कहा कि लेख ने भ्रामक कहानी पेश की और बाजार में गलतफहमी पैदा हुई। इस रिपोर्ट की वजह से अडानी समूह की कंपनियों की प्रतिष्ठित प्रभावित हुई और यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है।
क्या था रिपोर्ट में: बता दें कि फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि हाल के वर्षों में कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश का लगभग आधा हिस्सा गौतम अडानी परिवार से जुड़ी ऑफशोर संस्थाओं से आया है। अडानी से जुड़ी कंपनियों ने 2017 और 2022 के बीच समूह में कम से कम $2.6 बिलियन का निवेश किया। इसमें ज्यादातर समूह से जुड़ी शेल कंपनियों से आया है।
इस रिपोर्ट के जवाब में अडानी समूह ने कहा- तथ्य आसानी से उपलब्ध और पारदर्शी हैं। हम समझते हैं कि अडानी समूह को खत्म करने की प्रतिस्पर्धी दौड़ है। हम प्रतिभूति कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन कर रहे हैं और अडानी समूह की कंपनियों पर प्रमोटर के स्वामित्व और वित्तपोषण को अस्पष्ट नहीं कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप इस रिपोर्ट को तुरंत अपनी वेबसाइट से हटा लें।