गौतम अडानी समूह की आर्थिक सेहत को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए गए हैं। बीते मंगलवार को Fitch रेटिंग्स की क्रेडिटसाइट्स ने अडानी समूह की आक्रामक कारोबारी विस्तार नीति और कर्ज पर चिंता जाहिर की थी। अब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में अडानी ग्रीन एनर्जी की आर्थिक सेहत का हाल बताया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अडानी ग्रीन का कर्ज-इक्विटी रेशियो बेहिसाब बढ़ा है। यह बढ़कर अब 2021% पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रीन ने रिन्यूएबल एनर्जी में आक्रामक विस्तार के लिए भारी कर्ज ले रखा है। इससे पहले क्रेडिटसाइट्स ने भी अडानी समूह की कंपनियों पर भारी कर्ज और बैलेंश शीट को लेकर चिंता जाहिर की है। रिपोर्ट के मुताबिक इससे समूह कर्ज के जाल में आ सकता है।
कर्ज-इक्विटी रेशियो क्या है: आपको जानकारी के लिए बता दें कि कर्ज-इक्विटी रेशियो के जरिए ये अंदाजा लगाया जाता है कि कंपनी पर जितना कर्ज है, उसके मुकाबले कितनी इक्विटी है। इक्विटी के मुकाबले डेट जितना ज्यादा होता है, वो कंपनी की आर्थिक सेहत के लिहाज से ठीक नहीं माना जाता है। इससे यह मालूम चलता है कि कंपनी की कर्ज पर ज्यादा निर्भरता है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अडानी ग्रीन एनर्जी, एशिया की दूसरी ऐसी कंपनी है जिसका कर्ज-इक्विटी रेशियो सबसे खराब है। चीन की Datang Huayin Electric पावर इस मामले में आगे है। इस कंपनी का 2452 फीसदी का कर्ज-इक्विटी रेशियो है। यह एशिया के 892 लिस्टेड कंपनियों की सूची में शीर्ष पर है। इसके बाद अडानी ग्रीन का स्थान है।