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अडानी के ओपन ऑफर के आखिरी दिन ढेर हुआ NDTV, निवेशकों ने ताबड़तोड़ बेचे शेयर, लगा लोअर सर्किट

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अडानी ग्रुप (Adani Group) के ओपन ऑफर के आखिरी दिन मीडिया फर्म नई दिल्ली टेलीविजन यानी एनडीटीवी (NDTV) के शेयरों में 5% लोअर सर्किट लगा। विश्वप्रधान कमर्शियल ने एएमजी मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइजेज के साथ एनडीटीवी में अतिरिक्त 26% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए ओपन ऑफर लॉन्च किया, जो 22 नवंबर को शुरू हुआ और 5 दिसंबर को बंद हो गया। अडानी ने NDTV के लगभग 58 लाख इक्विटी शेयर हासिल किए जो ओपन ऑफर के  टोटल साइज का आधा भी नहीं था।

कंपनी के शेयरों का हाल
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, ओपन ऑफर ने 53,27,989 इक्विटी शेयरों को सब्सक्राइब किया गया। यानी 1.67 करोड़ से अधिक इक्विटी शेयरों के कुल प्रस्तावित आकार का 31.79% हिस्सा ही सब्सक्राइब हुआ। डेटा सोमवार शाम 4 बजे तक अपडेट किया जाता है।बीएसई पर एनडीटीवी का शेयर 4.95% की गिरावट के साथ ₹393.90 पर बंद हुआ। कंपनी के शेयर 5% निचले सर्किट पर पहुंच गया। इसका मार्केट कैप करीब ₹2,540 करोड़ है।

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ओपन ऑफर का मतलब क्या है?
दरअसल, ये किसी कंपनी के अधिग्रहण का एक पारदर्शी और वैध तरीका माना जाता है। इसके तहत अधिग्रहण करने वाली कंपनी अपनी डील में उस फर्म के शेयरधारकों को शामिल करती है जिसे खरीदना होता है। ओपन ऑफर में बिकने वाली कंपनी के निर्धारित शेयरधारकों को एक तय कीमत पर शेयर बेचने का प्रस्ताव दिया जाता है। इसके जरिए अधिग्रहण करने वाली कंपनी अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहती है। एनडीटीवी के मामले में अडानी समूह भी अपनी हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा रखना चाहती है। यही वजह है कि ओपन ऑफर का रास्ता चुना गया है।

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बता दें कि वीसीपीएल ने एएमजी मीडिया नेटवर्क्स और अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के साथ 294 रुपये प्रति शेयर की पेशकश कीमत पर अतिरिक्त 26 प्रतिशत या 1.67 करोड़ इक्विटी शेयर हासिल करने का प्रस्ताव रखा है। एनडीटीवी के प्रमोटरों ने ओपन ऑफर और वीसीपीएल हिस्सेदारी के अधिग्रहण का विरोध किया था। तर्क था कि यह सौदा सेबी और आयकर विभाग की मंजूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सकता है।

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